अनोखे गांव जहां सड़कें नहीं नहरें घर तक ले जाती हैं
पिछले दिनों हमने ट्रैवलर बंसी बिश्नोई के यूट्यूब वीडियो से नीदरलैंड के इसी कस्बे गिथोर्न की मानस यात्रा की। खूबसूरत और अनोखे गिथोर्न में कोई 176 पुल हैं जिनके नीचे से नावें और बोट निकलकर हरेक घर तक पहुंच सकती हैं।, सड़कों की जगह नहरें कस्बे के यातायात का माध्यम बनती हैं। गांव के घरों की छतें घास से बनी हुई हैं, जो उन्हें एक अनोखा और सुंदर रूप देती हैं। गांव में नाव और साइकिल किराए पर ली जा सकती हैं, जो पर्यटकों के लिए एक अच्छा विकल्प हो जाता है।
ट्रैवलर के वीडियो को देखते हुए हमें अपने कनाडा प्रवास में देखे ऐसे ही एक नहरों के जरिए जुड़े एक गांव की स्मृति हो आई। कनाडा प्रवास के दौरान हम लोग न्यूमार्केट कस्बे में हमारे घर से कोई 70 किलोमीटर दूर स्थित ओरिलिया कस्बे की वृहद झील पर पिकनिक मनाने पहुंचे थे। कस्बे में एक खूबसूरत तुधोप पार्क है। मीठे पानी की झील के किनारे यहां एक बीच भी है। रविवार को छुट्टी होने से बच्चों और परिवारों की उपस्थिति ज्यादा थी। वॉलीवाल, स्केटिंग, नौकायन, तैराकी,वाटर स्पोर्ट्स आदि यहां झीलों के किनारे होने वाली आम गतिविधियां होती हैं। लोग बारबेक्यू जमाये खाने पीने में भी व्यस्त थे। रेत पर घर बनाते और खेलते बच्चों के अलावा कुछ दिव्यांगजन भी अपने विशेष वाहनों पर पार्क का आनन्द उठाते नजर आए। कुछ लाइफ गार्ड्स भी मुस्तैदी से अपनी सेवाएं देते दिखाई दिए।
नेताओं और महान व्यक्तियों की स्मृति और युद्ध में गौरव पूर्ण विजय को यादगार बनाने के लिए अनेक स्मारक हम देखते ही रहे हैं। लेकिन ओरिलिया कस्बे के तुधोप पार्क में कनेडियन श्रमिकों के उनके अवदान और कार्य करते हुए अपनी जान गंवा देने को सम्मान व महत्व देने के लिए बने स्मारक को देखकर विशेष खुशी का अहसास हुआ।
कनाडा की लबालब झीलों और पार्कों को कभी भुलाया नहीं जा सकता। ये सुंदर हैं। व्यवस्थित हैं। साफ सुथरे और सुविधा सम्पन्न हैं। प्राकृतिक संसाधनों के रखरखाव को यहां अनुभव किया जा सकता है। लोगों की रुचियों और जीवन शैली को अनुशासित ढंग से एक सूत्र में बांधे हुए आनन्द की हिलोरें यहां सर्वत्र दिखाई देती हैं। यह अद्भुत है और अनुकरणीय भी। औरेलिया से ही कोई दस मिनट की ड्राइव के बाद एक विशिष्ट और खूबसूरत 'लगून सिटी' पहुंचे। इस खास बस्ती की विशेषता यह है कि यहां के प्रत्येक घर और कॉटेज के सामने या पीछे झील से जुड़ी नहरें इस तरह गुजरती हैं, जैसे हमारे यहां सड़कें बनी होती हैं। बेशक इन घरों के सामने सड़क तो है ही लेकिन नहरों के जरिये अपनी बोट से,नाव से भी यात्रा की जा सकती है। निकट के शहर भी जाया जा सकता है और झील में पहुंच कर वाटर स्पोर्ट्स, बीच आदि का आनन्द भी उठाया जा सकता है।
बहती नहरों के ऊपर कई ऊंचे ब्रिज बने हैं जिनसे वाहन गुजरते हैं और नीचे से बड़े छोटे जल यान, मोटर बोट्स और नावों में यहां के निवासी यात्रा करते हैं। आनन्द उठाते हैं। घरों के नीचे तक पानी इस तरह भरा होता है कि बोट्स आदि कारों की तरह घर में पार्क भी किये जा सकते हैं। इस नए दृश्य और जीवन शैली को देखना हमारे लिए बहुत रोमांचक रहा था।
ट्रैवलर बंसी बिश्नोई के नीदरलैंड यात्रा में गिथोर्न गांव के यूट्यूब वीडियो ने हमारे देखे कनाडा के लगून सिटी के सारे अनूठे अनुभव पुनः ताजा कर दिए।
दुनिया भर में अनेक ऐसे शहर और गांव हैं जो झीलों और खूबसूरत नदियों, समुद्र की जलराशि के बीच पर्यटकों और घुमक्कड़ों को लुभाते रहें हैं। इटली के वेनिस को तो हर कोई जानता है जो एक प्रसिद्ध शहर है और नहरों पर बना हुआ है। चीन का गियानजियांग भी ऐसा ही एक छोटा सा गांव है नीदरलैंड का अम्स्टर्डम एक प्रसिद्ध शहर है जहां नहरों का अपना विशेष महत्व है। इसी तरह जापान का कागोशिमा शहर भी नहरों पर बना हुआ है। यहाँ के घरों में भी बोटिंग के लिए विशेष व्यवस्था है और लोग बोट से ही एक घर से दूसरे घर जाते हैं।
भारत में पूरी तरह नहरों का सौंदर्य समेटे ऐसा कोई विशेष गांव या हिस्सा तो नहीं हैं जहां नहरों में हर घर से बोटिंग की जाती है। किंतु बहुत सी ऐसी जगहें अवश्य हैं जहां का अनुभव भी कम स्मरणीय नहीं होता। कश्मीर की डल झील और उदयपुर की पिछोला झील, भोपाल का बड़ा तालाब और केरल के बेक वाटर, उत्तर पूर्व और ब्रह्मपुत्र क्षेत्र सहित देश भर में कई छोटे बड़े गांव जो टापुओं पर मुख्य आबादी से अलग बसे हैं वहां की यात्रा थोड़ा बहुत इस रोमांच और जीवनशैली का अहसास करा ही सकती है, लेकिन पूरी तरह नहरों पर बसी कनाडा की लगून सिटी और नीदरलैंड के गिथोर्न गांव की मोहकता और अनूठेपन की तो बात ही कुछ अलग है।
ब्रजेश कानूनगो
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