Monday, 22 December 2025

सफारी : वन्यजीवों से उनके घर आंगन में मिलने का सुख

 

सफारी : वन्यजीवों से उनके घर आंगन में मिलने का सुख


पर्यटक और ट्रैवेलर्स अक्सर अपनी यात्रा में जंगल सफारी को भी शामिल करते हैं और उस क्षेत्र के खास प्राणियों को देखने की योजना बनाते हैं।  जंगल सफारी न केवल रोमांच का अनुभव कराती है, बल्कि हमें प्रकृति और वन्यजीवों के करीब आने का मौका भी देती है। हमने अनेक ट्रेवलरों को उनके बनाए वीडियोस में यूट्यूब पर दुनियाभर के अभ्यारण्यों और नेशनल पार्कों में जंगल सफारी का आनंद लेते देखा है। हाल ही में अफ्रीका के विभिन्न अभयारण्यों में वन्य जीवों को बिल्कुल नजदीक से देखते हुए रोमांचित हुए। खासतौर से जेबरा,जिराफ, हाथियों और शेर आदि को समूहों में विचरण करते देख बहुत आनंद की अनुभूति होती है। 

कुछ प्रमुख वन्यजीव अभ्यारण्य (Famous Wildlife Sanctuaries) सफारी के लिए ऐसे स्थान हैं जिन्हें "स्वर्ग" माना जा सकता है इनमें से अफ्रीका का मसाई मारा नेशनल रिजर्व, केन्या (Masai Mara, Kenya) यह दुनिया की सबसे प्रसिद्ध सफारी जगहों में से एक है। यहाँ 'द बिग फाइव' (शेर, तेंदुआ, हाथी, भैंसा और गैंडा) पाए जाते हैं। मुख्य आकर्षण यह देखना है जब 'ग्रेट माइग्रेशन' (जुलाई से अक्टूबर) के दौरान जहाँ लाखों की संख्या में ज़ेबरा और वाइल्डबीस्ट (Wildebeest) नदी पार करते हैं। क्रूगर नेशनल पार्क (Kruger National Park, South Africa)
​एक और अफ्रीका का सबसे पुराने और सबसे बड़े उद्यानों में से एक है। यहाँ आप स्वयं कार चलाकर  (Self-drive safari) भी अफ्रीकी हाथी, अफ्रीकी जंगली कुत्ते और पक्षियों की सैकड़ों प्रजातियां का आनंद ले सकते हैं। नेशनल पार्क के गाइड और वाहनों से भी ये सफारी की जा सकती है, जो सुरक्षित होती है। ये खास गाड़ियां वन्य जीवों के बिल्कुल नजदीक तक ले जाकर ट्रैवलरों, पर्यटकों को जानवरों की गतिविधियों का दर्शन कराते हैं। 

यदि दुनिया के विभिन्न महाद्वीपों के ऐसे जानवरों की बात करें जो केवल उन्हीं क्षेत्रों में विशेष रूप से उपलब्ध होते हैं और वहां की पहचान कहे जा सकते हैं तो इसे जानना भी बड़ा रोचक होगा।  अफ्रीका महाद्वीप से ही बात शुरू करते हैं। अफ्रीका के सवाना घास के मैदानों में पाए जाने वाले सिंह याने शेर दुनिया के सबसे बड़े मांसाहारी जानवरों में से एक हैं। अफ्रीका के जंगलों में पाए जाने वाले हाथी डायनासोर के खत्म हो जाने के बाद जमीन पर रहने वाले दुनिया के सबसे बड़े जानवर हैं। दुनिया के सबसे लंबे  जानवर जिराफ भी यहीं के मैदानों में पाए जाते हैं। यहां पाए जाने वाले अपनी विशिष्ट धारियों से मन मोहने वाले जेब्रा भी अफ्रीका की खास पहचान हैं। यहां की नदियों और झीलों में पाए जाने वाले  हिप्पोपोटेमस दुनिया के सबसे बड़े जलीय जानवरों में से एक हैं। कैंपफायर नामक बर्डअफ्रीका के सवाना घास के मैदानों में पाए जाने वाले पक्षी अपनी विशिष्ट आवाज़ के लिए जाने जाते हैं। अफ्रीका के जंगलों में पाए जाने वाले चिम्पैंजी दुनिया के सबसे बुद्धिमान जानवरों में से एक होते हैं। इस धरती पर जीवन और जीवों की उत्पत्ति भी अफ्रीका से शुरू होना माना गया है। आधुनिक मनुष्य भी यहीं से निकली एक प्राणी प्रजाति है। 
गोरिल्ला भी जंगलों में पाए जाने वाले  दुनिया के सबसे बड़े स्तनधारी प्राणी हैं। घास के मैदानों में पाए जाने वाले यहां के लेपर्ड अपनी विशिष्ट धारियों के लिए जाने जाते हैं। यहां आए पर्यटकों को जब विशिष्ट सिंग वाला राइनो ( गेंडा) दिख जाता है तो उसकी सफारी का आनंद द्विगुणित हो जाता है। वैसे यदि अफ्रीका के दो बेहद आकर्षक जीवों की बात करें तो सबसे पहले जिराफ और जेब्रा की तस्वीर ही मन में उभर जाती है।

अफ्रीका में जिराफों की विभिन्न प्रजातियां केन्या और तंजानिया में यहाँ 'मसाई जिराफ' भारी संख्या में पाए जाते हैं। घास के मैदानों में इन्हें झुंड में चलते देखना एक क्लासिक सफारी अनुभव होता है।
​सम्बुरु नेशनल रिजर्व, केन्या में दुर्लभ 'रेटिकुलेटेड जिराफ' (Reticulated Giraffe) पाए जाते हैं, जिनके शरीर पर गहरे भूरे रंग के सुंदर चौकोर निशान होते हैं। मर्चिसन फॉल्स, युगांडा में 'रॉथ्सचाइल्ड जिराफ' (Rothschild’s Giraffe) की सबसे बड़ी आबादी रहती है।​ जिराफ दुनिया के सबसे ऊँचे स्तनधारी जीव हैं। वे खड़े-खड़े ही सोते हैं और उनकी जीभ लगभग 21 इंच लंबी और नीले-काले रंग की होती है, जो उन्हें ऊँचे काँटेदार पेड़ों की पत्तियाँ खाने में मदद करती है।
​क्रूगर नेशनल पार्क में आप अपनी गाड़ी से भी सफारी कर सकते हैं और 'साउथ अफ्रीकन जिराफ' को करीब से देख सकते हैं। नैरोबी का जिराफ मैनर (Giraffe Manor) एक अनूठा होटल है जहाँ जिराफ को ऊंची बालकनी से अपने हाथों से नाश्ता करवाया जा सकता है।

​भारत के जंगलों में जिराफ नहीं होते हैं, यद्यपि जीवों को अन्य स्थितियों वाले क्षेत्रों में विकसित करना संभव है, लेकिन यह एक जटिल प्रक्रिया है जिसमें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। जीवों की विशिष्ट प्रजातियाँ विशिष्ट जलवायु, मिट्टी, और पर्यावरणीय स्थितियों में विकसित होती हैं, इसलिए उन्हें अन्य क्षेत्रों में स्थानांतरित करना आसान नहीं होता है। लेकिन देश के कुछ प्रमुख चिड़ियाघरों में इन्हें देखा जा सकता है। मैसूर चिड़ियाघर (कर्नाटक) को जिराफों का सबसे अच्छा प्रजनन केंद्र माना जाता है। अलीपुर चिड़ियाघर (कोलकाता) में भी जिराफों की अच्छी संख्या है। पटना चिड़ियाघर (संजय गांधी जैविक उद्यान) बिहार भी  चिड़ियाघर जिराफों के लिए काफी लोकप्रिय है। खबर है कि वन विहार नेशनल पार्क (भोपाल) में जिराफ और ज़ेबरा लाने की योजना पर काम चल रहा है ताकि पर्यटक इन्हें देख सकें। चिड़ियाघर में वन्य जीवों के देखने में वह मजा उतना नहीं जो उन्हीं के घर में ,उन्हीं के आंगन में स्वछंद निर्भीक विचरण करते उन्हें देखने में हमे आ पाता है। 

ब्रजेश कानूनगो 




No comments:

Post a Comment

वेनेजुएला : तेल ही नहीं सबसे ऊंचे जलप्रपात के लिए भी प्रसिद्ध है

वेनेजुएला : तेल ही नहीं सबसे ऊंचे जलप्रपात के लिए भी प्रसिद्ध है  हाल ही में भारत से बहुप्रतीक्षित अमेरिका से सशर्त ट्रेड डील हो जाने का समा...