सूर्योदय और सूर्यास्त का अलौकिक सुख
मैने मेरे एक मित्र से जब पूछा कि वे वर्ष के अंतिम दिन को और नए वर्ष के पहले दिन को किस तरह संजोना चाहेंगे? उस दिन अपनी स्मृति को किस तरह स्मरणीय बनाना चाहेंगे? उनका जवाब बहुत सामान्य सा था लेकिन उसके पीछे जीवन को देखने समझने का दृष्टिकोण और गहरा अर्थ समाया हुआ था। उन्होंने कहा कि दुनिया में सब कुछ बदलता रहता है लेकिन जो नहीं बदलता वह केवल प्रतिदिन पूर्व दिशा से प्रातः सूर्य का निकलना और शाम को पश्चिम में उसका अस्त हो जाना ही है, जो शाश्वत है। यही जीवन का असली उत्सव है। दर्शन है और सौंदर्य भी। वर्ष की समाप्ति पर उन्हें सूर्यास्त और नए साल के आगमन पर सूर्योदय को देखना बहुत भाता है।
उनका कहना बिल्कुल सही भी था। वर्ष की अंतिम शाम और पहले दिन के सूर्य को देखना ही नहीं बल्कि हरेक दिन सूर्य का निकलना, ढलना और अस्त हो जाना हमेशा से मनमोहक रहा है। सूर्योदय और सूर्यास्त दो ऐसे समय हैं जब प्रकृति अपनी पूरी शोभा के साथ हमें आकर्षित करती है। इन समयों में आकाश का रंग, बादलों की आकृति, और वातावरण का तापमान सभी कुछ बदल जाता है। यह समय मनुष्य के मन और आचरण पर गहरा प्रभाव डालता है। इस दौरान हमारे शरीर की आंतरिक घड़ी नियंत्रित हो जाती है, जो हमारे मस्तिष्क और शरीर के कार्यों को सकारात्मक रूप से प्रभावित करती है।
यही कारण है कि दुनिया भर के लोग रोजमर्रा सुबह, शाम के नजारों से रूबरू होने के बावजूद ऐसे खास स्थलों पर पहुंचते हैं जहां से सूर्य के उदय और अस्त होने के नयनाभिराम दृश्यों से आनंदित हो सकें। लाखों पर्यटक, घुम्मकड़ और आम लोग अपने सामर्थ्य के अनुसार अपनी यात्राओं में इन दृश्यों से अपने मन में खुशी और उमंग की अनुभूतियां प्राप्त करने की कोशिश करते हैं।
सूर्योदय और सूर्यास्त देखने के लिए दुनिया भर में कई प्रसिद्ध स्थल हैं। पर्यटकों की प्राथमिकता में रहनेवाले स्थलों की बात करें तो मिलेनियम आइलैंड, किरीबाती दुनिया का पहला स्थान है जहां सूर्योदय होता है। यह प्रशांत महासागर में स्थित एक छोटा सा द्वीप है। भारत में अरुणाचल प्रदेश का डोंग गांव सूर्योदय देखने के लिए एक प्रसिद्ध स्थल है। यहाँ सूर्य की पहली किरण 3 बजे धरती को छूती है। अमेरिका में ग्रैंड कैनियन, पेरू का माचू पिचू सूर्यास्त देखने के लिए प्रसिद्ध स्थल हैं। यहाँ का सूर्यास्त देखने का अनुभव अद्वितीय है।
मालदीव का वाधू आइलैंड सूर्यास्त देखने के लिए एक प्रसिद्ध स्थल है। यहाँ का सूर्यास्त देखने का अलग रोमांटिक स्वरूप है। कंबोडिया का अंकोरवाट सूर्योदय देखने के लिए एक प्रसिद्ध स्थल है। यहाँ का सूर्योदय देखने का अनुभव अविस्मरणीय है। इसी तरह इटली में लीनिंग टावर ऑफ पीसा, ऑस्ट्रेलिया मेंग्रेट बैरियर रीफ भी सूर्यास्त देखना भी पर्यटकों के लिए एक आकर्षण का केंद्र है। इन स्थलों की विशेषताएं अलग-अलग हैं, लेकिन सभी सूर्योदय और सूर्यास्त देखने के लिए प्रसिद्ध हैं।
हमारे देश में भी समुद्र के क्षितिज में सूर्यास्त और सूर्योदय के विशिष्ट नजारे देखने के लिए भारत में कई प्रसिद्ध स्थल हैं। कन्याकुमारी, तमिलनाडु में यहाँ तीन समुद्रों का संगम होता है सूर्योदय और सूर्यास्त दोनों का अद्भुत दृश्य यहां देखा जा सकता है। केरल में वर्कला बीच पर सूर्योदय और सूर्यास्त का दृश्य बहुत भी सुंदर होता है, जहां अरब सागर के ऊपर सूर्य की किरणें पड़ती हैं। गोवा के पलोलेम बीच , राधानगर बीच, अंडमान और निकोबार बीच पर सूर्यास्त का दृश्य बहुत ही सुंदर होता है, जहां समुद्र के ऊपर सूर्य की किरणें पड़ती हैं। मुंबई के मरीन ड्राइव पर सूर्यास्त का दृश्य भी मनमोहक होता है । अरुणाचल प्रदेश में सूर्योदय का दृश्य बहुत ही सुंदर होता है, जहां हिमालय की पहाड़ियों के ऊपर सूर्य की किरणें पड़ती हैं। मेघालय में उमियम झील पर सूर्योदय का दृश्य बहुत ही सुंदर होता है, जहां झील के ऊपर सूर्य की किरणें पड़ती हैं।
कई टूर कंपनियां पर्यटकों के लिए सूर्योदय दर्शन के विशेष पैकेज के तहत यात्राएं करवाती हैं जो तड़के तीन चार बजे से पर्यटकों को दुर्गम स्थलों तक ले जाने के उपक्रम करती हैं। पहाड़ों के ऊपर तड़के सूर्य को निकलते देखना किसी दिव्य अनुभूति से कम नहीं होता। उत्तर पूर्व, केरल, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे राज्यों सहित अनेक ऐसे ऊंचे स्थान हैं जहां से सूर्योदय देखना अविस्मरणीय हो जाता है। मुन्नार की पहाड़ी के टॉप स्टेशन से सूर्योदय और एलेप्पी केरल में बेक वाटर में हाउस बोट की सैर करते हुए डूबते सूर्य के नजारे हमारे भीतर भी असीम सुख और संतोष की धारा प्रवाहित कर जाते हैं।
क्या आप जानते हैं कि तन और मन को असीम आनंद से भर देने वाली इन घटनाओं में केवल सौंदर्य ही नहीं, बल्कि विज्ञान भी छुपा होता है? दरअसल,सूर्योदय और सूर्यास्त के समय, सूर्य की किरणें वायुमंडल में अधिक दूरी तय करती हैं, जिससे प्रकाश का रंग बदल जाता है। यह घटना रेले स्कैटरिंग कहलाती है, जिसमें प्रकाश के छोटे तरंगदैर्ध्य (निल और बैंगनी) अधिक बिखरते हैं, जबकि बड़े तरंगदैर्ध्य (लाल और नारंगी) कम बिखरते हैं। यही कारण है कि सूर्योदय और सूर्यास्त के समय आकाश लाल और नारंगी रंग का दिखाई देता है। इस समय वातावरण में कई बदलाव होते हैं। तापमान में कमी आती है, जिससे वायुमंडल में नमी बढ़ जाती है। यह नमी बादलों के निर्माण में मदद करती है, जो वर्षा का कारण बनते हैं। इसके अलावा, सूर्योदय और सूर्यास्त के समय वायुमंडल में ओजोन की मात्रा भी बढ़ जाती है, जो हमें हानिकारक पराबैंगनी किरणों से बचाती है। सूर्योदय और सूर्यास्त के समय प्राणी जगत में भी कई बदलाव होते हैं। कई जानवर, जैसे कि पक्षी और मछली, सूर्योदय के समय सक्रिय हो जाते हैं, जबकि अन्य जानवर, जैसे कि शेर और चीता, सूर्यास्त के समय सक्रिय हो जाते हैं। इसके अलावा, सूर्योदय और सूर्यास्त के समय कई पौधे भी अपने पत्तों को खोलते और बंद करते हैं, जो उनकी फोटोसिंथेसिस प्रक्रिया को नियंत्रित करता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय मनुष्य के मन और आचरण पर गहरा प्रभाव डालता है। यह समय हमारे शरीर की आंतरिक घड़ी को नियंत्रित करता है, जो हमारे मस्तिष्क और शरीर के कार्यों को प्रभावित करता है। सूर्योदय का समय हमारे शरीर में कोर्टिसोल और एड्रेनालाईन जैसे हार्मोन्स का स्तर बढ़ाता है, जो हमें दिन के लिए तैयार करते हैं।
यह समय हमारे मस्तिष्क में सेरोटोनिन और डोपामाइन जैसे हार्मोन्स का स्तर बढ़ाता है, जो हमें खुश और संतुष्ट महसूस कराते हैं। सूर्योदय का समय ध्यान और एकाग्रता का समय होता है। यह समय हमारे मस्तिष्क को शांत और केंद्रित करता है, जो हमें अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है, जबकि सूर्यास्त का समय आराम और शांति का समय होता है। यह समय हमारे शरीर में मेलाटोनिन जैसे हार्मोन्स का स्तर बढ़ाता है, जो हमें आराम और नींद की ओर ले जाता है। सूर्यास्त का समय विचार और आत्म-विश्लेषण का समय होता है। यह समय हमारे मस्तिष्क को शांत और केंद्रित करता है, जो हमें अपने दिन के अनुभवों पर विचार करने और आत्म-विश्लेषण करने में मदद करता है। सूर्यास्त का समय संबंध और प्रेम का समय होता है। यह समय हमारे मस्तिष्क में ऑक्सीटोसिन जैसे हार्मोन्स का स्तर बढ़ाता है, जो हमें दूसरों के साथ जुड़ने और प्रेम करने के लिए प्रेरित करता है।
हम सबको मोहने वाले सूर्योदय और सूर्यास्त का समय सौंदर्य और विज्ञान का अनूठा संगम होता है। यह समय न केवल हमें प्रकृति की शोभा का अनुभव कराता है, बल्कि हमारे मन को प्रफुल्लता और असीम संतोष से भर देता है। यही कारण है कि जीवन को थोड़ा और सार्थक कर देने वाले ये दृश्य पर्यटकों को ही नहीं प्रत्येक व्यक्ति की विश लिस्ट में प्राथमिकता से होते हैं।
ब्रजेश कानूनगो
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