Wednesday, 17 December 2025

अनोखा बाजार जहां करेंसी नोटों की दुकानें सजती हैं

 अनोखा बाजार जहां करेंसी नोटों की दुकानें सजती हैं

हम हाट बाजारों में किराना,सब्जियों और हर तरह की रोजमर्रा जरूरतों की चीजों की दुकानें सजा कर व्यापारियों को अपना माल बेचते देखते रहे हैं। पिछले दिनों हमने एक ट्रेवलर के यूट्यूब वीडियो में देखा तो दंग रह गए कि बाजार में करेंसी नोटों की बहुत सारी खुले आम दुकानें सजी हुई हैं और कोई खास सुरक्षा की व्यवस्था भी नहीं दिखी। नमाज का समय होने पर दुकानदार बिना कोई लूट के डर से निश्चिंत होकर दुकान को खुला छोड़कर मस्ज़िद की ओर चला गया। 

हम बात कर रहे हैं सोमालीलैंड की। सोमालीलैंड पूर्वी अफ्रीका में स्थित एक स्व-घोषित स्वतंत्र देश है, जिसने 1991 में सोमालिया से स्वतंत्रता की घोषणा की थी। यह देश हॉर्न ऑफ अफ्रीका में स्थित है और इसकी सीमाएं जिबूती, इथियोपिया और सोमालिया से लगती हैं। इसका इतिहास 1884 से शुरू होता है, जब यह ब्रिटिश संरक्षित क्षेत्र बन गया था। 1960 में, यह स्वतंत्र हुआ और सोमालिया के साथ मिलकर सोमाली गणराज्य का गठन किया। हालांकि, 1991 में, सोमालीलैंड ने फिर से अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की और तब से यह एक स्व-घोषित स्वतंत्र बहुदलीय लोकतंत्र है, जिसमें एक राष्ट्रपति और एक द्विसदनीय संसद है। देश में नियमित रूप से चुनाव होते हैं और यह अफ्रीका में सबसे अधिक स्थिर और लोकतांत्रिक देशों में से एक माना जाता है।
इसकी अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से पशुपालन और कृषि पर आधारित है। देश में बेरबेरा पोर्ट है, जो एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र भी है। इसके अलावा, देश में तेल और गैस जैसे खनिज संसाधन भी हैं।  
मुख्य रूप से यहां की सोमाली संस्कृति में इस्लाम धर्म का महत्वपूर्ण स्थान है। देश में कई ऐतिहासिक स्थल हैं, जिनमें लास गील की चट्टान कला शामिल है।

दरअसल दुकान खुली छोड़कर दुकानदार के नमाज पढ़ने चले जाने का दृश्य सोमालीलैंड के सड़क किनारे लगने वाले मनी मार्केट (पैसे के बाज़ार) जैसी अनोखी जगह का है जहाँ सामान नहीं, बल्कि नोटों के बंडल बेचे जाते हैं, क्योंकि स्थानीय मुद्रा सोमालीलैंड शिलिंग (Somaliland Shilling) की कीमत बहुत कम और अस्थिर होती गई है, जिससे लोग भारी मात्रा में नकदी लेकर खरीददारी करते हैं, यहाँ तक कि सब्जियों या सोने के लिए भी नोटों की बोरियाँ ले जानी पड़ती हैं, और इसी कारण अब लोग डिजिटल भुगतान (मोबाइल मनी) को भी पसंद करने लगे हैं। हालांकि ये बाज़ार सुरक्षित माने जाते हैं और इनमें खुलेआम लेन-देन होता है। 

सोमालीलैंड शिलिंग (SLS) की कीमत इतनी कम है कि $1 एक अमेरिकी डॉलर के बदले 10,000 से 11,000 SLS सोमालीलैंड शिलिंग तक मिलते हैं। नोटों की इतनी बड़ी मात्रा के कारण, दुकानदार अक्सर पैसों को गिनने के बजाय तौलकर लेन-देन करते भी दिखाई देते हैं। नोटों के ये बाज़ार फल-सब्जी की मंडी की तरह लगते हैं, जहाँ लोग नोटों के बंडल खरीदते और बेचते हैं यहां तक कि सब्जियों के लिए भी नोटों से भरे थैले ले जाने पड़ सकते हैं। खास बात यह कि इन बाजारों में लेन-देन खुलेआम होता है और इन्हें सुरक्षित माना जाता है, जहाँ लोग बिना डर के भारी नकदी ले जाते हैं, कभी-कभी तो ठेले (wheelbarrows) में भी।

नोटों की भारी भरकम नकदी जैसी समस्या से बचने के लिए, सोमालीलैंड के लोग अब मोबाइल मनी (जैसे EVC Plus) का बड़े पैमाने पर उपयोग करने लगे हैं; यहाँ तक कि भिखारी भी डिजिटल लेनदेन करते पाए जाते हैं। अनौपचारिक अर्थव्यवस्था का यह बाज़ार सोमालीलैंड की अर्थव्यवस्था और लोगों की वित्तीय ज़रूरतों को पूरा करने के तरीके को दर्शाता है, जहाँ राज्य की संस्थाएँ कमज़ोर हैं और लोग आत्मनिर्भर हैं। ​इस अनोखे बाज़ार के पीछे मुख्य कारण सोमालीलैंड शिलिंग (SL Shilling) का अत्यधिक अवमूल्यन (Devaluation) और उच्च मुद्रास्फीति होना (High Inflation) है। 

संक्षेप में, सोमालीलैंड का यह मनी मार्केट एक ऐसी जगह है जहाँ भौतिक नकदी का मूल्य इतना कम है कि वह एक वस्तु बन जाती है, जिसे खरीदा-बेचा जाता है, और यह उनकी अर्थव्यवस्था की अनूठी वास्तविकता को दिखाता है। ट्रैवलरों के यूट्यूब वीडियो देखते हुए सोमालीलैंड के इस खुले मनी मार्केट को देखकर अचंभित तो हो ही जाते हैं दर्शक। 

ब्रजेश कानूनगो  

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