बर्फ से ढका मनुष्य का जीवन संघर्ष
दुनिया भर में ग्लोबल वार्मिंग के कारण पर्यावरण संतुलन इस कदर गड़बड़ा गया है कि वर्ष 2026 की जनवरी के आधे बीतते बीतते रूस के कामचटका क्षेत्र में भीषण बर्फबारी ने पूरे इलाके को सफेद चादर में लपेट दिया। इससे जन-जीवन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। लोगों के घर और वाहन बर्फबारी के नीचे दफन हो गए।बर्फ ने पूरे शहर को जकड़ लिया। हालत यह हुई कि रिहायशी इमारतें 3 से 4 मंजिल तक बर्फ में दब गईं। सड़कों से लेकर घरों की छत तक हर तरफ सफेद चादर बिछ गई। सोशल मीडिया पर देखे वीडियो में हमने वहां के निवासियों को अस्तित्व के लिए संघर्ष करते देखा।
इसके पूर्व कई घुमक्कड़ों के अनेक ट्रैवल वीडियोस में विश्व के सबसे ठंडे और बर्फीले शहरों और गांवों में उन्हें घूमते और वहां के लोगों के जीवन की कठिनाइयों को भी उनकी प्रस्तुतियों से जानते समझते रहे हैं।
विश्व के सबसे ठंडे आबाद शहरों पर नजर डालें तो पता चलता है कि मुख्य रूप से इनमें रूस के याकुत्स्क (Yakutsk) और साइबेरिया का ओयम्याकोन (Oymyakon) शामिल हैं, जहाँ तापमान अक्सर -40°C से -60°C तक गिर जाता है, जबकि कनाडा का येलोनाइफ (Yellowknife) और कज़ाकिस्तान का अस्ताना (Astana) भी सबसे ठंडे आबाद स्थानों में गिने जाते हैं, जहाँ लोगों को अत्यधिक ठंड का सामना करना पड़ता है.
रूस का याकुत्स्क (Yakutsk) दुनिया का सबसे ठंडा बड़ा शहर माना जाता है, जहाँ लाखों लोग रहते हैं और सर्दियों में तापमान -50°C से नीचे चला जाता है। रूस का ही ओयम्याकोन (Oymyakon) दुनिया का सबसे ठंडा स्थायी रूप से बसा हुआ स्थान है, जहाँ का तापमान अक्सर -50°C से -60°C तक पहुँच जाता है और कई बार -70°C तक गिरता है। कनाडा का येलोनाइफ (Yellowknife) दुनिया के उत्तरी हिस्सों में स्थित एक बड़ा शहर है, जहाँ सर्दियों में सूरज की रोशनी बहुत कम पहुँचती है और कड़ाके की ठंड पड़ती है। इसी तरह कजाकिस्तान का अस्ताना (Astana) समुद्र से दूर स्थित है और यहाँ का तापमान कभी-कभी -51.5°C तक गिर जाता है, जिससे यह दुनिया के सबसे ठंडे स्थानों में से एक बन जाता है। यूएसए का अलास्का में उत्कियाग्विक (Utqiagvik) सबसे उत्तरी शहर है जो आर्कटिक सर्कल के ऊपर स्थित है और अत्यधिक ठंड के लिए जाना जाता है। मंगोलिया की राजधानी उलानबटार शहर (Ulaanbaatar) सबसे ठंडा राजधानी शहर है, जहाँ जनवरी में औसत तापमान -44°C तक गिर जाता है।
रूस का सबसे ठंडा आबाद गांव वर्खोयांस्क है, जो साइबेरिया में स्थित है। यहां का तापमान शीतकाल में -50°C से -67°C तक गिर जाता है, जो इसे दुनिया के सबसे ठंडे आबाद शहरों में से एक बनाता है। वर्खोयांस्क की आबादी लगभग 1,200 लोगों की है, जो मुख्य रूप से याकूत और रूसी समुदायों से संबंधित हैं। हम एक ट्रैवल ब्लॉगर के वीडियो के जरिए ऐसे कई गांवों कस्बों के जीवन को आभासी रूप से देखने की कोशिश की है। वर्खोयांस्क के लोगों का जीवन बहुत कठिन है, क्योंकि यहां की जलवायु बहुत ठंडी और शुष्क है। यहां के लोग मुख्य रूप से शिकार, मछली पकड़ने और पशुपालन से अपना जीवन चलाते हैं। यहां के मुख्य पशु रेनडियर, हिरण और घोड़े हैं। पीने के पानी की व्यवस्था ठंडे शहरों के लोगों के लिए एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि यहां के जल स्रोत अक्सर जम जाते हैं। यहां के लोग बर्फ को पिघलाकर पानी बनाते हैं और इसे पीने के लिए उपयोग करते हैं। अन्य जरूरी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए, यहां के लोग स्थानीय बाजारों और सरकारी दुकानों पर निर्भर हैं, जहां से वे आवश्यक वस्तुएं खरीदते हैं।
हमने देखा कि रूस के ठंडे शहरों में पानी की पाइप लाइनों का रखरखाव एक बड़ी चुनौती है। यहां की अत्यधिक ठंड के कारण पाइप लाइनें अक्सर जम जाती हैं और टूट जाती हैं, जिससे पानी की आपूर्ति प्रभावित होती है। इस समस्या से निपटने के लिए, रूस में पानी की पाइप लाइनों को विशेष रूप से डिज़ाइन किया जाता है, जैसे कि उन्हें जमीन के नीचे गहराई में बिछाया जाता है या उन्हें गर्म रखने के लिए विशेष इन्सुलेशन का उपयोग किया जाता है। पाइपलाइनों को जमने से बचाने के लिए इन्सुलेटेड पाइपलाइनों का उपयोग किया जाता है।कुछ शहरों में, हॉट वॉटर सर्कुलेशन सिस्टम का उपयोग किया जाता है, जिसमें गर्म पानी को पाइपलाइनों में सर्कुलेट किया जाता है ताकि वे जम न जाएं। कुछ शहरों में, बर्फ पिघलाने वाले सिस्टम का उपयोग किया जाता है, जिसमें बर्फ को पिघलाकर पानी बनाया जाता है। कई जगहअंडरग्राउंड वॉटर टैंक का उपयोग किया जाता है, जो पानी को जमने से बचाते हैं।
वर्खोयांस्क जैसे ठंडे शहरों में, लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था बहुत महत्वपूर्ण है। यहां के लोग मुख्य रूप से मांसाहारी भोजन करते हैं, जैसे कि कच्चा मांस, घोड़े का लीवर, रेनडियर, खरगोश और मछली। यहां के लोग स्ट्रोगनिना नामक एक विशेष व्यंजन भी खाते हैं, जिसमें मछली को जमाकर पतले टुकड़ों में काटा जाता है और उसे कच्चा ही खाया जाता है। कपड़ों की बात करें, तो यहां के लोग गर्म और मोटे कपड़े पहनते हैं, खासतौर से रेनडियर और खरगोश की खाल से बने कोट और बूट। कई परतों में कपड़े पहन कर वे अपने शरीर को गर्म बनाए रखने का प्रयास करते हैं। यहां के लोग वेलेंकी नामक एक विशेष प्रकार के जूते पहनते हैं, जो फील्ट से बने होते हैं और पैरों को गर्म रखते हैं। यहां के लोग गैलोशी नामक एक विशेष प्रकार के रबर के जूते भी पहनते हैं जो वेलेंकी के ऊपर पहने जाते हैं।
बर्फ और ठंड का आनंद लेने के लिए जहां हम हिमालयीन क्षेत्र के शहरों के पर्यटन के लिए निकलते हैं, वहीं विश्व के अनेक ऐसे ठंडे शहरों में आफत की बारिश होती है, बर्फीले मौसम और जमें हुए शहरों में अपने जीवन के लिए लोग भारी कष्टों के बीच संघर्ष को विवश होते हैं।
ब्रजेश कानूनगो
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