Saturday, 24 January 2026

निर्विवाद है द्वीप समूहों की प्राकृतिक सुंदरता !

निर्विवाद है द्वीप समूहों की प्राकृतिक सुंदरता !

पर्यटन (Tourism) के लिए विश्व के अनेक द्वीप समूह न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध हैं, बल्कि वे विशिष्ट सांस्कृतिक और भौगोलिक पहचान भी रखते हैं। कई बार बहुत से द्वीप विवादों के चलते खबरों की सुर्खियों में आकर हमारा ध्यान खींच लेते हैं।  मॉरीशस और ब्रिटेन के बीच विवाद  के कारण हिन्द महासागर में स्थित चागोस द्वीप समूह भी फिलहाल चर्चा में बना हुआ है। 

विश्व में ऐसे ही कई द्वीप सामरिक, आर्थिक (तेल/गैस) और संप्रभुता के कारणों से प्रमुख विवादित क्षेत्र बने हुए हैं। प्रमुख विवादित द्वीपों में से कुछ प्रमुख हैं, स्प्रैटली और पैरासेल द्वीप समूह (दक्षिण चीन सागर)  पर चीन, वियतनाम, फिलीपींस, मलेशिया, ब्रुनेई और ताइवान अपना दावा करते हैं। यह क्षेत्र प्राकृतिक तेल, गैस और समुद्री मार्गों के लिए विवादित हैं।सेनकाकू/डियाओयू द्वीप (पूर्व चीन सागर) चीन और जापान के बीच विवादित हैं।  ये निर्जन द्वीप सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।कुरील द्वीप समूह (रूस-जापान) रूस के कब्जे वाले इन द्वीपों पर जापान अपना दावा करता है। यह विवाद द्वितीय विश्व युद्ध के समय से चल रहा है। फॉकलैंड द्वीप (दक्षिण अटलांटिक महासागर) इस द्वीप के स्वामित्व को लेकर ब्रिटेन और अर्जेंटीना के बीच 1982 में युद्ध भी हो चुका है, जो अब भी विवाद का विषय है।कच्चातिवू द्वीप (पाक जलडमरूमध्य) भारत और श्रीलंका के बीच का यह छोटा द्वीप, जो अब श्रीलंका के अंतर्गत है, मछुआरों के अधिकारों को लेकर अक्सर चर्चा में रहता है।

वर्तमान में चर्चित चाग़ोस द्वीपसमूह (Chagos Archipelago) हिंद महासागर के बीचों-बीच स्थित रणनीतिक रूप से एक अत्यंत महत्वपूर्ण द्वीप समूह है जो यह पिछले कई दशकों से ब्रिटेन और मॉरीशस के बीच एक गंभीर राजनयिक विवाद का केंद्र रहा है। दरअसल,​औपनिवेशिक काल में 18वीं शताब्दी में चाग़ोस फ्रांस के अधीन था और मॉरीशस का हिस्सा माना जाता था। 1814 में पेरिस की संधि के बाद इसे ब्रिटेन को सौंप दिया गया। ​विवाद की शुरुआत मॉरीशस की आजादी (1968) से ठीक पहले, 1965 में ब्रिटेन ने चाग़ोस को मॉरीशस से अलग कर दिया और इसे 'ब्रिटिश हिंद महासागर क्षेत्र' (BIOT) घोषित कर दिया। ​1967 से 1973 के बीच, ब्रिटेन ने अमेरिका को डिएगो गार्सिया पर सैन्य अड्डा बनाने की अनुमति देने के लिए वहाँ के मूल निवासियों (चाग़ोसियनों) को जबरन बाहर निकाल दिया गया।  उन्हें मॉरीशस और सेशेल्स भेज दिया गया, जहाँ उन्होंने दशकों तक संघर्षपूर्ण जीवन बिताया। ​

बाद में2019 मेंअंतर्राष्ट्रीय न्यायालय ने अपने परामर्श में कहा कि ब्रिटेन ने अवैध रूप से चाग़ोस पर कब्जा किया हुआ है और उसे जल्द से जल्द इन द्वीपों को मॉरीशस को सौंप देना चाहिए। इसके बाद अक्टूबर 2024 में  हुए​ऐतिहासिक समझौते के तहत हाल ही में ब्रिटेन ने आधिकारिक तौर पर चाग़ोस द्वीपसमूह की संप्रभुता मॉरीशस को सौंपने का निर्णय लिया। जिसमें ​डिएगो गार्सिया की लीज के तहत मॉरीशस को संप्रभुता मिलने के बावजूद डिएगो गार्सिया द्वीप पर स्थित सैन्य अड्डा अगले 99 वर्षों तक ब्रिटेन और अमेरिका के पास रहेगा।इसके बदले में ब्रिटेन मॉरीशस को वार्षिक वित्तीय सहायता प्रदान करेगा।​जनवरी 2026 में ताज़ा खबरों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते की आलोचना की है और इसे "कमजोरी" बताया है। इस दबाव के चलते ब्रिटेन की वर्तमान सरकार ने इस समझौते से जुड़े बिल को फिलहाल अपनी संसद के एजेंडे से हटा लिया है, जिससे यह विवाद फिर से अनिश्चितता में घिर गया है। विवाद अपनी जगह बनते बिगड़ते रहेंगे किंतु  इन द्वीप समूहों के बारे में हम लोगों को जानना बहुत रोचक है।

चाग़ोस द्वीपसमूह मालदीव से लगभग 500 किमी दक्षिण में और मॉरीशस से करीब 2,200 किमी उत्तर-पूर्व में स्थित है। इसमें 58 छोटे प्रवाल द्वीप (atolls) शामिल हैं। ​डिएगो गार्सिया (Diego Garcia)  इस समूह का सबसे बड़ा और सबसे महत्वपूर्ण द्वीप है। यह रणनीतिक रूप से इतना महत्वपूर्ण है कि यहाँ से अमेरिका और ब्रिटेन हिंद महासागर, मध्य पूर्व और दक्षिण एशिया में अपनी सैन्य गतिविधियों को नियंत्रित करते हैं। यह क्षेत्र अपनी जैव विविधता, दुर्लभ समुद्री जीवों और कोरल रीफ (मूंगा चट्टानों) के लिए जाना जाता है।

पर्यटकों और घुमक्कड़ों के लिए खूबसूरत और प्राकृतिक सौंदर्य से भरे इन द्वीप समूहों की सैर अपनी आकांक्षाओं की प्राथमिकता में रहती हैं।खासतौर से ​इंडोनेशिया  बाली, सुमात्रा और अन्य  द्वीपों के साथ (Bali & others) दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप समूह वाला देश है। इसमें लगभग 17,000 से अधिक द्वीप हैं। बाली यहाँ का सबसे प्रमुख पर्यटन केंद्र है।

​कैरिबियन द्वीप समूह (West Indies) के  क्यूबा, जमैका, बहामास जैसे कई देश शामिल हैं। यह अपने नीले पानी और क्रूज पर्यटन के लिए विश्व भर में विख्यात है। प्रशांत महासागर में स्थित जापानी द्वीप समूह  मुख्य रूप से चार बड़े द्वीपों (होन्शु, होक्काइडो, क्यूशू, शिकोकू) से बना है, जो अपनी तकनीक और संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। इसके साथ साथ हिन्द महासागर में स्थित मालदीव अपने स्वच्छ पारदर्शी जल और ओवर वाटर विला के लिए प्रसिद्ध है।  प्रशांत महासागर में स्थित हवाई द्वीप ज्वाला मुखी पर्वतों

सर्फिंग और प्राकृतिक विविधता के लिए मशहूर है। अपने कोरल रीफ (मूंगा चट्टान) और शांत समुद्री तटों के लिए अरब सागर में स्थित लक्ष्य द्वीप और बंगाल की खाड़ी में स्थित भारत का अंडमान निकोबार द्वीप समूह बहुत लोकप्रिय है।

इक्वाडोर का कैनरी द्वीप (Canary Islands) अद्वितीय वन्यजीवों और चार्ल्स डार्विन के शोध के लिए प्रसिद्ध है। स्पेन साल भर खुशनुमा मौसम और रेतीले टीलों के लिए लोकप्रिय है।

सीशेल्स (Seychelles) अफ्रीका के पास स्थित है जो अपने ग्रेनाइट चट्टानों वाले बीच के लिए मशहूर है। फ्रेंच पोलिनेशिया (फ्रांस) में बोरा-बोरा जैसे अति सुंदर हनीमून डेस्टिनेशन यहाँ स्थित हैं।

इन खूबसूरत द्वीप समूहों पर लाखों पर्यटक अपने सामर्थ्य और शक्ति के अनुसार प्रति वर्ष पहुंचकर आनंदित होते रहते हैं। यूट्यूब पर पर्यटकों और घुमक्कड़ों के ट्रेवल वीडियो भी घर बैठे यहां की आभासी यात्रा का सुख कुछ हद तक तो दे ही जाते हैं। 


ब्रजेश कानूनगो


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